उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार अक्टूबर को भदोही में 65 परियोजनाओं का लोकार्पण और 47 अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास किया। टाइम्स ऑफ इंडिया की उसी शाम की रिपोर्ट के अनुसार, लोकार्पित कार्यों की लागत 440.84 करोड़ रुपये और शिलान्यास वाली परियोजनाओं की लागत 899.27 करोड़ रुपये है। आकाशवाणी और दैनिक जागरण ने भी 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की कुल 112 परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम की पुष्टि की।
इसमें लोकार्पण के लिए प्रस्तुत पूरे हो चुके कार्यों के साथ ऐसी योजनाएं भी शामिल हैं जिनका निर्माण अभी होना है। जनता से रिश्ता की चार अक्टूबर की रिपोर्ट में ज्ञानपुर में गंगा नदी पर पुल और जिला कारागार को शिलान्यास वाली परियोजनाओं में रखा गया है। दैनिक जागरण की तीन अक्टूबर की अग्रिम रिपोर्ट में भी इन्हीं प्रस्तावित पुल और जेल का उल्लेख था। शिलान्यास होने का अर्थ यह नहीं है कि इनमें कामकाज शुरू हो गया है।
दैनिक जागरण के अनुसार, भिखारीपुर की जनसभा से पहले मुख्यमंत्री ने कारपेट एक्सपो मार्ट में 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो का उद्घाटन भी किया। उन्होंने वाराणसी, भदोही और मीरजापुर को मिलाकर रेशम उद्योग का केंद्र विकसित करने की बात कही। यह घोषित विकास योजना है। समीक्षा की गई रिपोर्ट से ऐसे केंद्र के पूरा होने, निर्यात के नए आदेश मिलने या इस आयोजन के कारण कारीगरों की आय बढ़ने की पुष्टि नहीं होती।
जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले को संत रविदास नगर भदोही के नाम से जाना जाएगा। आकाशवाणी और टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, वह गुरु पूर्णिमा पर भी नाम बदलने का इरादा घोषित कर चुके थे। नया घटनाक्रम चार अक्टूबर का परियोजना कार्यक्रम और नाम को लेकर उनका दोबारा दिया गया सार्वजनिक बयान है। समीक्षा की गई सामग्री में ऐसी नई राजपत्र अधिसूचना उपलब्ध नहीं थी जिससे नाम परिवर्तन लागू होने की कानूनी तारीख तय की जा सके।
