बिहार कैबिनेट ने 30 सितंबर को पुलिस के भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन कामों के लिए 30 वाटर कैनन तथा 86 वज्र वाहन खरीदने पर अनुमानित 62.52 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। कैबिनेट की जानकारी पर आधारित खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाली बैठक में यह फैसला हुआ।
रिपोर्टों में वाटर कैनन के लिए 26.40 करोड़ रुपये और वज्र वाहनों के लिए 36.12 करोड़ रुपये का आवंटन बताया गया है। सरकार ने इनके इस्तेमाल की परिस्थितियों में त्योहार, मेले, रैलियां, विशिष्ट व्यक्तियों की आवाजाही, जमीन के विवाद, छात्र प्रदर्शन और आपात स्थितियां गिनाईं।
यह खरीद के लिए प्रशासनिक स्वीकृति है। पढ़ी गई रिपोर्टों में आपूर्तिकर्ता, आपूर्ति का समय या पूरी हो चुकी तैनाती का विवरण नहीं मिला। उनसे यह भी साबित नहीं होता कि खरीद किसी खास धार्मिक समुदाय या प्रदर्शनकारी समूह को निशाना बनाने के लिए है।
बैठक में कुल 30 प्रस्ताव मंजूर हुए। पुलिस वाहनों का फैसला ऊर्जा, सड़क और स्वास्थ्य से जुड़े दूसरे कदमों से अलग रिपोर्ट किया गया। इसका वास्तविक असर केवल मंजूरी पर नहीं, बल्कि आगे उपकरणों की खरीद और उनके इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।
