पूर्व मध्य रेलवे के प्रवक्ता सरस्वती चंद्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मोकामा के नए रेल पुल पर चार और पांच अक्टूबर की मध्यरात्रि के आसपास ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया। उनके मुताबिक, ट्रेन संख्या 15483 महानंदा एक्सप्रेस ने सबसे पहले पुल पार किया।
तीन और चार अक्टूबर को हुए निरीक्षण के बाद सुरक्षा मंजूरी मिली। आईएएनएस ने भी पुल, दोहरीकरण, विद्युतीकरण और संबंधित स्टेशनों के काम का रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण पूरा होने की खबर दी। सुरक्षा मंजूरी का हस्ताक्षरित दस्तावेज और परिचालन शुरू करने का मूल रिकॉर्ड स्वतंत्र समीक्षा के लिए उपलब्ध नहीं थे।
पुराने राजेंद्र पुल के समानांतर बने नए पुल पर दो रेल लाइनें हैं। करीब 15.5 किलोमीटर की परियोजना में गंगा पर 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य पुल शामिल है। आईएएनएस के अनुसार, संपर्क मार्गों और अन्य पुलों समेत परियोजना की लागत लगभग 2,400 करोड़ रुपये है।
रेलवे के मुताबिक, पुराने पुल से भी ट्रेनें चलती रहेंगी, जिससे यहां गंगा पार करने के लिए कुल तीन रेल लाइनें उपलब्ध होंगी। अतिरिक्त मार्ग उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में मदद के लिए है। यातायात बढ़ने और माल ढुलाई का खर्च घटने के दावे अभी अनुमान हैं, परिचालन के बाद मापे गए नतीजे नहीं।
