मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि चार अक्टूबर को मंडला में हुए कार्यक्रम से नौ लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों के खातों में 36.17 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि अंतरित की गई। भुगतान आठ वनमंडलों के संग्राहकों के लिए किया गया। स्थानीय समाचार रिपोर्ट ने भी रविवार को राशि वितरण की पुष्टि की।
दैनिक जागरण की विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार यह वर्ष 2024 का बोनस है। रिपोर्ट में लाभार्थियों की संख्या 9,04,126 और कुल राशि 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये बताई गई है। इनमें पूर्व और पश्चिम मंडला, उत्तर और दक्षिण सिवनी, उत्तर और दक्षिण बालाघाट, डिंडौरी तथा जबलपुर वनमंडल के संग्राहक शामिल हैं।
वन समितियों के सदस्यों के लिए अलग से 26.56 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री ने दूसरे बयान में इस अंतरण की पुष्टि की। नईदुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह काष्ठ लाभांश 84 वन समितियों के सदस्यों को वितरित किया गया। काष्ठ लाभांश की यह राशि तेंदूपत्ता बोनस से अलग है।
कार्यक्रम में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी हुआ। जागरण के अनुसार 197 करोड़ रुपये से अधिक के 27 तैयार कार्यों का लोकार्पण किया गया, जबकि 263 करोड़ रुपये से अधिक के 47 कार्यों का भूमिपूजन हुआ। दोनों को मिलाकर 74 विकास कार्य हैं। भूमिपूजन वाले कार्यों को पूरा हो चुका निर्माण नहीं माना जा सकता।
मुख्यमंत्री ने मोहगांव और घुघरी में शासकीय महाविद्यालय तथा मंडला में टाइगर सफारी जू बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने पान की खेती दोबारा शुरू कराने और दुग्ध सहकारी समितियां बनाने की बात कही।
