रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा के अगले दिन 11 अप्रैल 2022 को खरगोन प्रशासन ने मकान और दुकानें तोड़ीं। अधिकारियों ने निर्माणों को अवैध अतिक्रमण बताया; राज्य और संभाग के अधिकारियों के बयानों में कार्रवाई को कथित दंगाइयों से भी जोड़ा गया। मुस्लिम निवासियों और अधिकार कार्यकर्ताओं ने उचित प्रक्रिया के बिना दंडात्मक ध्वस्तीकरण पर सवाल उठाए।

घटना या नीति का संदर्भ। यह मूल तथ्यात्मक ग्राफिक है; श्रेय और पूरा विवरण रिपोर्ट में है।
घटना या नीति का संदर्भ। यह मूल तथ्यात्मक ग्राफिक है; श्रेय और पूरा विवरण रिपोर्ट में है।

प्रभावित लोगों में हसीना फखरू भी थीं, जिनका घर प्रधानमंत्री आवास योजना की सहायता से बना था। अधिकारियों ने कहा कि वह सरकारी जमीन पर था। 18 अप्रैल को अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इंदिरा नगर के आवासीय परिसर में दूसरा घर देने की पेशकश हुई है।

दर्ज कानूनी पड़ाव। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड वर्तमान अंतिम स्थिति तय नहीं करता।
दर्ज कानूनी पड़ाव। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड वर्तमान अंतिम स्थिति तय नहीं करता।

पेशकश से कब्जा सौंपना, पुनर्वास या मुआवजा पूरा हो जाना साबित नहीं होता। दंगे का आरोप भी मालिक का दोष या निर्माण विवाद तय नहीं करता। यह केस फाइल अप्रैल 2022 के ध्वस्तीकरण और घोषित आवासीय राहत को दर्ज करती है; विवादित पक्षों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष में नहीं बदला गया है।