मोहम्मद अखलाक पर 28 सितंबर 2015 को दादरी के पास बिसाहड़ा गांव में गोहत्या के आरोप के बाद भीड़ ने हमला किया और उनकी मौत हो गई। उनके बेटे दानिश गंभीर चोटों से बचे। हमला और बाद में अभियोजन का रवैया जवाबदेही के अलग प्रश्न हैं।

घटना या नीति का संदर्भ। यह मूल तथ्यात्मक ग्राफिक है; श्रेय और पूरा विवरण रिपोर्ट में है।
घटना या नीति का संदर्भ। यह मूल तथ्यात्मक ग्राफिक है; श्रेय और पूरा विवरण रिपोर्ट में है।

23 दिसंबर 2025 को सूरजपुर की अदालत ने मुकदमा वापस लेने की उत्तर प्रदेश सरकार की मांग खारिज कर दी। सरकार ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास बताए। अखलाक की पत्नी ने वापसी का विरोध किया और उनके वकील ने राजनीतिक मकसद का आरोप लगाया। अदालत को अभियोजन समाप्त करने का पर्याप्त आधार नहीं मिला।

दर्ज कानूनी पड़ाव। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड वर्तमान अंतिम स्थिति तय नहीं करता।
दर्ज कानूनी पड़ाव। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड वर्तमान अंतिम स्थिति तय नहीं करता।

न्यायाधीश ने सुनवाई तेज करने का निर्देश दिया। मुकदमा वापसी से इनकार का मतलब आरोपियों को दोषी ठहराना या हर विवादित तथ्य तय करना नहीं है। यह अभिलेख उस तारीख के आदेश को दर्ज करता है; मामला खत्म बताने से पहले आगे के फैसले या अपील की अलग पुष्टि जरूरी है।