बिहार के जल संसाधन विभाग ने गंडक के तटबंधों को नुकसान पहुंचने के बाद आपात कार्रवाई में कथित लापरवाही पर चार अक्टूबर को सात अभियंताओं को निलंबित किया। मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता कुमार मनोज गुप्ता के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही का आदेश दिया गया। हिन्दुस्तान और दैनिक जागरण ने इसकी खबर दी; पीटीआई ने रविवार शाम के विभागीय बयान का हवाला दिया।
निलंबित अभियंताओं में सारण और गोपालगंज में तैनात दो कार्यपालक, तीन सहायक और दो कनीय अभियंता शामिल हैं। विभाग का आरोप है कि आपात काम में देरी हुई, जरूरी कर्मचारी और सामग्री जुटाने में कमी रही तथा स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों से समन्वय नहीं किया गया। ये आरोप विभागीय कार्यवाही का विषय हैं; निलंबन से व्यक्तिगत जिम्मेदारी का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
चार अक्टूबर शाम के विभागीय अपडेट के मुताबिक, रेवाघाट में गंडक खतरे के निशान से नीचे आ गई थी, लेकिन लालगंज में अभी 52 सेंटीमीटर ऊपर थी। इसलिए पानी घटने को हर जगह संकट समाप्त होने का संकेत नहीं माना जा सकता। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की सुरक्षा के लिए सामग्री जमा किए जाने की जानकारी दी।
नेपाल और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ की पृष्ठभूमि में यह नई प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। समीक्षा की गई खबरों में संबंधित अभियंताओं का जवाब नहीं था। मूल निलंबन आदेश भी निरीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं थे।
