भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने चार अक्टूबर को जारी जिलावार चेतावनी में सोमवार, पांच अक्टूबर को केरल के छह जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। ये जिले पथनमथिट्टा, इडुक्की, मलप्पुरम, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड हैं। विभाग के रिकॉर्ड में इन्हें पीले रंग से दिखाया गया है और भारी बारिश के साथ गरज, बिजली गिरने और तेज सतही हवाओं की चेतावनी भी दी गई है।
टाइम्स केरल की चार अक्टूबर की रिपोर्ट में भी यही छह जिले बताए गए हैं। केरल में चार से छह अक्टूबर के दौरान बारिश के इस दौर का अनुमान दो अक्टूबर के बुलेटिन में पहले ही जताया गया था, जिसकी जानकारी असल सच ने दी थी। ताजा जिलावार विवरण बताता है कि अब किन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। इससे यह साबित नहीं होता कि सभी छह जिलों में भारी बारिश या बाढ़ आ चुकी है।
मंगलवार, छह अक्टूबर के लिए आईएमडी के जिलावार रिकॉर्ड में इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम और वायनाड के नाम हैं। दोनों दिनों की सूचियों में अंतर है, इसलिए सोमवार की किसी जिले की चेतावनी को अपने आप मंगलवार पर लागू नहीं माना जा सकता। मानचित्र में पीला रंग दूसरे खतरों को भी दर्शा सकता है। केवल गरज और बिजली की चेतावनी को भारी बारिश का अलर्ट बताना सही नहीं होगा।
चार अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे जारी राष्ट्रीय बुलेटिन में केरल और माहे, तटीय कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में छह अक्टूबर तक कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के लिए विस्तृत पूर्वानुमान में पांच और छह अक्टूबर का उल्लेख है। यह इन क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, पूरे राज्यों में एक जैसी भारी बारिश की भविष्यवाणी नहीं।
चेन्नई के क्षेत्रीय मौसम केंद्र के रविवार के पूर्वानुमान पर डीटी नेक्स्ट की रिपोर्ट में सोमवार और मंगलवार को नीलगिरि, कोयंबटूर, थेनी, कृष्णगिरि और धर्मपुरी तथा घाट क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है। विभाग के जिलावार रिकॉर्ड में भी इन पांच जिलों के लिए दोनों दिन भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है। चेन्नई का पूर्वानुमान अलग है। डीटी नेक्स्ट के अनुसार शहर में सोमवार शाम और रात को गरज और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
आईएमडी ने दक्षिण भारत के इस मौसम को मन्नार की खाड़ी और उससे लगे दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के ऊपर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण तथा वहां से पूर्व-मध्य अरब सागर की ओर फैली द्रोणिका से जोड़ा है। राष्ट्रीय परामर्श में प्रभावित दक्षिणी क्षेत्रों के किसानों से खेतों में पानी की निकासी बनाए रखने और कमजोर फसलों को सहारा देने को कहा गया है। यात्रा या खुले में काम करने से पहले ताजा जिलावार चेतावनी और स्थानीय तात्कालिक परामर्श देखें। इस पूर्वानुमान से किसी नुकसान का आंकड़ा या बंद का आदेश स्थापित नहीं होता।
