मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने 2 अक्टूबर के गांधी जयंती कार्यक्रम में जवाहर द्वीप मरीन ऑयल टर्मिनल को प्लास्टिक-मुक्त घोषित किया। नौवहन मंत्रालय ने इसे बंदरगाह के कामकाज में एकल-उपयोग प्लास्टिक घटाने के प्रयास का हिस्सा बताया।
नौवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तेल रिसाव से निपटने की सुविधाएं भी समर्पित कीं। प्राधिकरण ने गोदियों, आवासीय कॉलोनियों और तटीय क्षेत्रों में प्लास्टिक घटाने का अभियान जारी रखने की बात कही। सफाईकर्मियों के रोजमर्रा के योगदान को सम्मानित किया गया।
द वीक की 2 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, टर्मिनल पांच जेटियों के जरिए कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का संचालन करता है। दिसंबर 2020 में पूरी हुई पांचवीं जेटी 470 मीटर लंबी है और 1,50,000 टन तक माल वाले जहाज संभाल सकती है।
यह घोषणा पर्यावरण प्रबंधन से जुड़ी है; टर्मिनल की तेल संचालन की भूमिका नहीं बदली है। उपलब्ध घोषणा में स्वतंत्र ऑडिट की पद्धति या हटाए गए प्लास्टिक कचरे की मात्रा नहीं दी गई। घोषित स्थिति आगे कैसे कायम रहेगी, इसका आकलन करते समय इन सीमाओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
