भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 3 अक्टूबर को मुंबई और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की घोषणा की। मिड-डे ने मुंबई के लिए इसकी पुष्टि की, जबकि लोकसत्ता ने कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों से वापसी की जानकारी दी।
लोकसत्ता के अनुसार, मानसून की वापसी की रेखा ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हर्णे से गुजर रही थी। अगले दो से तीन दिनों में राज्य के बाकी हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल थीं। यह आगे की संभावना थी, पूरी हो चुकी वापसी नहीं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, राज्य के 21 जिलों में पूरे मौसम के दौरान बारिश की कमी दर्ज हुई। महाराष्ट्र में कुल कमी 19 प्रतिशत रही। मौसम वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया कि विभाग की श्रेणियों में इतनी कमी भी सामान्य वर्षा के दायरे में आती है, जिसकी निचली सीमा 19 प्रतिशत की कमी है।
पूरे राज्य की श्रेणी से जिलों के बीच का अंतर स्पष्ट नहीं होता। शनिवार का नया घटनाक्रम मानसून की भौगोलिक वापसी है। यह जून से सितंबर तक की वर्षा की गणना से अलग है, जिसकी अवधि 30 सितंबर को समाप्त हुई थी।
