भाजपा ने चार अक्टूबर को राज्यसभा के दो चुनावों के लिए दिनेश आर्य और कोयल मल्लिक के नाम से जानी जाने वाली रुक्मिणी मल्लिक को उम्मीदवार घोषित किया। आर्य को उत्तराखंड के द्विवार्षिक चुनाव और मल्लिक को पश्चिम बंगाल के उपचुनाव के लिए चुना गया है। समाचार एजेंसियों की खबरों के साथ द इंडियन एक्सप्रेस ने भी रविवार के इस फैसले की स्वतंत्र रिपोर्ट दी।

इस रिपोर्ट के लिए एएनआई की चार अक्टूबर की सार्वजनिक पोस्ट में दी गई पार्टी की मूल, तारीख वाली विज्ञप्ति देखी गई। उसमें भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा नामों को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख है। तरुण चुघ के हस्ताक्षर वाली विज्ञप्ति उत्तराखंड के द्विवार्षिक चुनाव और पश्चिम बंगाल के उपचुनाव को अलग-अलग बताती है। यह पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा है; इसे रिटर्निंग अधिकारी द्वारा नामांकन स्वीकार करना या किसी उम्मीदवार की जीत घोषित करना नहीं माना जा सकता।

दोनों रिक्तियों के कारण अलग हैं। निर्वाचन आयोग की समयसारिणी पर आकाशवाणी की 22 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड के सदस्य नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होता है। पश्चिम बंगाल की सीट मल्लिक के इस्तीफे से खाली हुई थी। हिन्दुस्थान समाचार की चार अक्टूबर की रिपोर्ट में उनके इस्तीफे की तारीख 16 जुलाई बताई गई है। ये पुराने घटनाक्रम चुनावों की पृष्ठभूमि हैं; नई बात भाजपा द्वारा उम्मीदवारों का चयन है।

द इंडियन एक्सप्रेस और चुनाव कार्यक्रम की पहले की रिपोर्टों में मतदान की तारीख 16 अक्टूबर दी गई है। एएनआई की 22 सितंबर की खबर के अनुसार नामांकन की अंतिम तारीख छह अक्टूबर, जांच की तारीख सात अक्टूबर और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख नौ अक्टूबर है। 16 अक्टूबर को सुबह नौ से शाम चार बजे तक मतदान और शाम पांच बजे से मतगणना निर्धारित है। ये तय की गई आगामी प्रक्रियाएं हैं, पूरी हो चुकी घटनाएं नहीं।

व्यापक राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की दस सीटें भी शामिल हैं, लेकिन यहां समीक्षा की गई विज्ञप्ति केवल उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के उम्मीदवार चुनती है। देखी गई सामग्री से आर्य या मल्लिक के नामांकन पत्र स्वीकार हो जाने या किसी भी सीट का फैसला बिना मतदान के हो जाने की पुष्टि नहीं होती।