आम आदमी पार्टी ने 3 अक्टूबर को मौर के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना की प्राथमिक सदस्यता निलंबित कर दी। इससे पहले उन्होंने अपने क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति की सार्वजनिक आलोचना की थी। एएनआई ने पार्टी आदेश का वह हिस्सा प्रकाशित किया जिसमें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के कारण सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की बात है। कुछ शीर्षकों में निष्कासन कहा गया, लेकिन यह रिपोर्ट आदेश के शब्दों का अनुसरण करती है।
एएनआई और एबीपी लाइव के अनुसार मैसरखाना ने एक लाइव वीडियो में कहा कि उन्होंने शिक्षकों के खाली पद भरने और स्कूलों की अन्य जरूरतों पर बार-बार कार्रवाई मांगी थी। उन्होंने अपनी आलोचना को शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के पक्ष में उठाई गई आवाज बताया। ये दावे विधायक के हैं; देखी गई खबरों में हर स्कूल की वास्तविक शिक्षक संख्या का स्वतंत्र रूप से सत्यापित आकलन शामिल नहीं है।
पार्टी ने उन पर अनुशासनहीनता और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों का आरोप लगाया। यस पंजाब के मुताबिक पार्टी ने शिक्षकों की कमी संबंधी उनके विवरण से असहमति जताई। फिलहाल पुष्ट कार्रवाई पार्टी सदस्यता की स्थिति में बदलाव है, स्कूलों के बारे में किसी एक पक्ष का दावा सही साबित होना नहीं। पार्टी से निलंबन अपने आप यह भी स्थापित नहीं करता कि निर्वाचित विधानसभा सीट खाली हो गई है। देखी गई सामग्री में विधानसभा से अलग अयोग्यता कार्रवाई या अदालती निर्णय की खबर नहीं थी।
