चुनावी मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे कार्यकर्ता 3 अक्टूबर को जंतर मंतर के पास फिर जुटे। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। एबीपी की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट में कार्यकर्ता योगेंद्र यादव को हिरासत में लिए जाने का विवरण है। सियासत ने भी प्रदर्शनकारियों को वहां से ले जाने की खबर दी।

आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने समर्थकों से दोपहर एक बजे लौटने को कहा था। एबीपी के अनुसार वकील कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण भी मार्च में शामिल हुए।

सियासत में प्रकाशित पुलिस के नोटिस के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू थीं और शनिवार के जमावड़े की अनुमति नहीं थी। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण सभा के अपने अधिकार पर जोर दिया।

इन विवरणों से शनिवार को हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या की पुष्टि नहीं होती। लगभग एक हजार लोगों का आंकड़ा शुक्रवार के प्रदर्शन से जुड़ा था; उसे शनिवार की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।