दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और कई कार्यकर्ताओं व प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। एबीपी और मनीकंट्रोल की सुबह की खबरों के अनुसार, वे चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचे थे। एबीपी ने हिरासत की कार्रवाई पर एएनआई की प्रत्यक्ष रिपोर्ट भी प्रकाशित की है।

प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा था। मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने के आरोप आयोजकों के हैं; प्रदर्शन होने से वे सिद्ध नहीं होते। हिरासत से पहले भारद्वाज ने लोगों से शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके अपनाने की अपील की।

द वीक की 2 अक्टूबर की रिपोर्ट में डीसीपी सचिन शर्मा के हवाले से कहा गया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन या मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के प्रतिबंधों के पीछे सार्वजनिक सुरक्षा, व्यवस्था और यातायात सुचारु रखने का कारण बताया। ये अधिकारियों द्वारा बताए गए कारण हैं।

इस खबर के लिए देखी गई सुबह की रिपोर्टों से हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या, रिहाई या आपराधिक आरोपों की पुष्टि नहीं होती। केवल हिरासत में लिए जाने से कोई अपराध सिद्ध नहीं होता।