दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर को पिछले दिन मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बाद तीन एफआईआर की जानकारी दी। पीटीआई के अनुसार दो मामले पार्लियामेंट स्ट्रीट और एक कनॉट प्लेस में दर्ज हुए हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपी वाले कॉलम में किसी का नाम नहीं है, हालांकि शिकायतों में अन्य जगह आयोजकों का उल्लेख है।
दो वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से प्रभासाक्षी की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले पुलिस की दैनिक डायरी की प्रविष्टियों पर आधारित हैं और इनमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 लगाई गई है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा तोड़ी।
प्रदर्शन मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं के खिलाफ थे। मामले दर्ज होना जांच का नया कदम है; इससे न तो प्रदर्शनकारियों के आरोप साबित होते हैं और न किसी का अपराध।
