आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर पर प्रदर्शन के बाद छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 29 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। टाइम्स ऑफ इंडिया की 30 सितंबर को अपडेट हुई खबर में आगरा पुलिस के बयान के हवाले से कहा गया है कि अदालत ने छह लोगों को 3 अक्टूबर तक हिरासत में भेजा। गिरफ्तार लोगों में अनिल यादव और मुकेश धनगर शामिल हैं।

फ्री प्रेस जर्नल की 29 सितंबर की रिपोर्ट ने भी छह गिरफ्तारियों की पुष्टि की। एफआईआर और पुलिस अधिकारियों के हवाले से उसने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर संपत्ति को बदरंग करने, अंदर घुसने की कोशिश और एक होमगार्ड से मारपीट का आरोप है। दर्ज अपराधों में हत्या का प्रयास और दंगा शामिल हैं। ये पुलिस के आरोप हैं, गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के दोषी होने का न्यायिक निष्कर्ष नहीं।

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने पुलिस कार्रवाई को चुनौती दी। एएनआई को दिए 29 सितंबर के साक्षात्कार में उन्होंने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया और कार्यकर्ताओं को डराने के लिए झूठी धाराएं लगाने का आरोप लगाया। एशियानेट न्यूज़ेबल पर प्रकाशित इस साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अभियान जारी रहेगा।

मूल प्रदर्शन 28 सितंबर को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर कांग्रेस की आपत्तियों के बीच हुआ था। नया घटनाक्रम अगले दिन की गिरफ्तारी और रिमांड कार्रवाई है। इस रिपोर्ट के लिए एफआईआर और रिमांड आदेश सीधे उपलब्ध नहीं थे। टकराव को लेकर पुलिस और पार्टी के परस्पर विरोधी दावों का अंतिम निर्धारण नहीं हुआ है।