मेरठ की अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी ठहराया। एनडीटीवी, लाइव हिन्दुस्तान और एएनआई की पूरी रिपोर्टें इस फैसले की पुष्टि करती हैं। एएनआई के अनुसार, जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाया और दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए। इस अपडेट के लिए देखी गई खबरों में सजा की घोषणा नहीं हुई थी।

एनडीटीवी के मुताबिक, अदालत ने दोनों को हत्या और सबूत छिपाने के प्रयास के लिए जिम्मेदार पाया। एएनआई की रिपोर्ट और अभियोजन के वकील से उसकी बातचीत के अनुसार, मुकदमे में तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के साथ 22 गवाह पेश किए गए। मामला मार्च 2025 में मेरठ में राजपूत की मौत से जुड़ा है।

अभियोजन के वकील ने एएनआई को बताया कि अदालत ने सजा के चरण के लिए लगभग 10 से 15 दिन दिए हैं। उन्होंने मृत्युदंड का समर्थन किया। लाइव हिन्दुस्तान ने बताया कि बचाव पक्ष को सजा के बारे में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन मिले हैं। मृत्युदंड की मांग का अर्थ यह नहीं कि अदालत ने फांसी की सजा सुना दी है।

लाइव हिन्दुस्तान के अनुसार, फैसले से पहले बचाव पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी, जांच और बरामदगी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। अदालत ने फिर भी दोनों को दोषी पाया। इस रिपोर्ट के लिए पूरा लिखित फैसला स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हुआ। इसलिए दोषसिद्धि की सटीक धाराओं और सजा की सुनवाई की तारीख की पुष्टि न्यायिक रिकॉर्ड जारी होने पर की जानी चाहिए।