उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की विशेष अदालत ने जनवरी 2024 में हुई हत्या के मामले में एक दंपति को 30 सितंबर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पीटीआई और दैनिक देहात की रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने दोनों दोषियों पर अलग-अलग 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सरकारी अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी ने पीटीआई को बताया कि भारतीय दंड संहिता की हत्या और गलत तरीके से बंधक बनाने संबंधी धाराओं में दोषसिद्धि हुई। विशेष न्यायाधीश विजय कुमार ने फैसला दिया। मामला विशेष एससी/एसटी अदालत में सुना गया था, लेकिन उपलब्ध विवरण इन्हीं आईपीसी धाराओं की दोषसिद्धि बताता है; इससे जातिगत उद्देश्य का अलग न्यायिक निष्कर्ष स्थापित नहीं होता।
अभियोजन के अनुसार पीड़ित अंकित को दंपति के घर बुलाया गया और सात जनवरी 2024 को उस पर जानलेवा हमला हुआ। बुधवार का नया घटनाक्रम सजा सुनाया जाना है, कोई नई हत्या नहीं। पढ़ी गई रिपोर्टों में पूरा फैसला नहीं था और यह भी नहीं बताया गया कि दंपति अपील करने का इरादा रखता है या नहीं।
