7 अप्रैल 2019 को असम के बिश्वनाथ के बाजार में शौकत अली पर हमला हुआ। उन्होंने कहा कि भोजनालय में बेचे जाने वाले मांस को लेकर सवाल करने के बाद हमलावरों ने उन्हें पीटा और जबरन सूअर का मांस खिलाया। वह हमले में बच गए।

11 अप्रैल तक पुलिस ने प्रसारित हमले के वीडियो को वास्तविक बताया था। उसमें गोमांस बेचने और पीड़ित की नागरिकता पर सवाल थे। अली ने कहा कि उनका परिवार दशकों से भोजन का कारोबार करता था और उनके नाम नागरिकता रजिस्टर के मसौदे में थे।

एक अलग बातचीत में उन्होंने बेचे जाने वाले मांस को भैंस का मांस बताया और दुकान में तोड़फोड़ का आरोप लगाया। ये विवरण उनके कथन हैं; हमलावरों के आरोप पीड़ित का गैरकानूनी आचरण साबित नहीं करते।
यह तारीखवार रिकॉर्ड हमले और उपलब्ध बयानों को दर्ज करता है, इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ पुष्ट अंतिम फैसले का दावा नहीं करता।
