बागपत साइबर पुलिस ने बीमा कंपनी के अधिकारियों का कथित रूप से रूप धरकर ठगी की जांच में एक अक्टूबर को आठ लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने टाइम्स ऑफ इंडिया को कार्रवाई का विवरण दिया। तेजस न्यूज और इंद्रप्रस्थ न्यूज ने भी पुलिस का खुलासा प्रकाशित किया। गिरफ्तारी जांच की कार्रवाई है, आरोप सिद्ध होने का निष्कर्ष नहीं।
पुलिस के अनुसार फोन करने वाले बंद पॉलिसियां दोबारा चालू कराने, बोनस या दूसरे लाभ का प्रस्ताव देते थे। फिर फीस, प्रोसेसिंग शुल्क और कर के नाम पर भुगतान मांगते थे। जांचकर्ताओं ने इक्यावन शिकायतों और लगभग एक करोड़ बीस लाख रुपये को कथित नेटवर्क से जोड़ा। ये संबंधित शिकायतों और नुकसान के पुलिस अनुमान हैं, अदालत से स्थापित कुल आंकड़े नहीं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संदिग्ध नोएडा के आसपास घरों या दूरस्थ स्थानों से काम कर रहे थे। स्थानीय खबरों में फोन, बैंक कार्ड और अन्य सामान बरामद होने की बात थी। शामिल राज्यों की संख्या पर रिपोर्टें अलग थीं, इसलिए सटीक कुल संख्या नहीं दी गई है। जांची गई खबरों में बचाव पक्ष का विस्तृत जवाब नहीं मिला। हर गिरफ्तार व्यक्ति की भूमिका और अलग-अलग भुगतानों का कथित योजना से संबंध जांच में स्थापित होना बाकी है।
