भारत ने तीन अक्टूबर को पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक को तलब किया। इससे पहले पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिक को बुलाया था। रॉयटर्स की उसी शाम की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों कदम एक दिन पहले सीमा पर गोलीबारी में दो लोगों की मौत से जुड़े हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि तीन लोग भारतीय क्षेत्र में घुसे और बीएसएफ की चेतावनियों के बावजूद बाड़ की ओर बढ़ते रहे। मंत्रालय के बयान पर एएनआई की तीन अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तानी आरोप खारिज करते हुए अनधिकृत आवाजाही रोकने की मांग की।

पाकिस्तान ने मृतकों को निहत्थे नागरिक बताया, घुसपैठ का दावा खारिज किया और विश्वसनीय जांच मांगी। भारत ने कहा कि बीएसएफ के सामने तत्काल सुरक्षा खतरा था।

ये दोनों सरकारों के परस्पर विरोधी दावे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों से गोलीबारी की परिस्थितियां या मृतकों के कथित मादक-पदार्थ नेटवर्क से संबंध स्वतंत्र रूप से साबित नहीं होते। नई बात भारत की राजनयिक प्रतिक्रिया है; जांच का नतीजा सामने नहीं आया है।