बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने एक अक्टूबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पता बदलने वाले फॉर्म-8 खारिज करने पर चुनाव आयोग से सवाल किए। मामला सांता क्रूज विधानसभा क्षेत्र के भीतर घर बदलने वाले एक परिवार से जुड़ा है, जिसने सूची में अपने सदस्यों के नाम शामिल न होने को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति वाल्मीकि मेनेजेस और न्यायमूर्ति अमित एस. जामसंडेकर ने पूछा कि आवेदनों को खारिज करने के बजाय लंबित रखकर पुनरीक्षण के बाद उन पर विचार क्यों नहीं किया जा सकता। पीठ ने चिंता जताई कि पता बदलने वाले मतदाता पुरानी और संशोधित सूची के बीच छूट सकते हैं। ये जारी सुनवाई के दौरान की टिप्पणियां थीं, पुनरीक्षण रद्द करने वाला अंतिम फैसला नहीं।
आयोग के वकील ने तर्क दिया कि फॉर्म-8 के लिए सूची में मौजूदा प्रविष्टि जरूरी है। मसौदा सूची में नाम न होने पर व्यक्ति को शामिल होने के लिए फॉर्म-6 देना चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि याचिकाकर्ताओं ने उचित चरण पर पता बदलने की जानकारी दी थी या नहीं। बार एंड बेंच और एक अलग समाचार एजेंसी के विवरण के अनुसार दलीलें पांच अक्टूबर को जारी रहेंगी। इन रिपोर्टों से परिवार की प्रविष्टियां अंतिम रूप से बहाल होने की पुष्टि नहीं होती।
