बॉम्बे हाई कोर्ट ने 30 सितंबर को एंटीलिया के पास विस्फोटक मिलने और मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाज़े को एक दिन पहले मिली जमानत पर अस्थायी रोक लगा दी। यूएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की चुनौती पर सुनवाई करते हुए वाज़े को नोटिस जारी किया।

एएनआई की 30 सितंबर की रिपोर्ट ने भी अंतरिम रोक की पुष्टि की और बताया कि अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। इस नए निर्देश से विशेष अदालत के 29 सितंबर के फैसले का तत्काल प्रभाव बदल गया है। हाई कोर्ट की रोक लागू रहने तक उस जमानत आदेश को अमल में नहीं लाया जा सकता। अपील का अंतिम निपटारा अभी नहीं हुआ है।

विशेष एनआईए अदालत ने जमानत के स्तर पर अभियोजन की सामग्री पर विचार करके सशर्त राहत दी थी। असल सच द्वारा पहले जांचे गए 29 सितंबर के हस्ताक्षरित आदेश में निजी मुचलका, जमानतदार और मुकदमे की प्रक्रिया की रक्षा के लिए पाबंदियां लगाई गई थीं। उस आदेश से वाज़े बरी नहीं हुए थे और अभियोजन भी समाप्त नहीं हुआ था।

मामला फरवरी 2021 में मुंबई में मुकेश अंबानी के आवास के पास विस्फोटक से भरा वाहन मिलने और उसके बाद हिरेन की मौत से जुड़ा है। वाज़े को मार्च 2021 में गिरफ्तार किया गया था। आरोपों पर मुकदमा जारी है। ताजा रिपोर्टों से अंतरिम रोक और अगली सुनवाई की तारीख की पुष्टि होती है; जमानत दी जानी चाहिए या नहीं, इस पर हाई कोर्ट का अंतिम निर्णय इन रिपोर्टों से स्थापित नहीं होता।