पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि 3 अक्टूबर को राजस्थान में गोडावण को प्राकृतिक आवास में लौटाने की तैयारी के लिए नया उड़ान बाड़ा खोला गया। दो पक्षियों को छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। दोपहर की विज्ञप्ति में डेजर्ट नेशनल पार्क में उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ने की तारीख साफ तौर पर 4 अक्टूबर बताई गई है। इसलिए उद्घाटन को पक्षियों के पहले ही छोड़ दिए जाने की पुष्टि नहीं समझना चाहिए।

रामदेवरा के इस बाड़े में संरक्षण केंद्र में पले पक्षी उड़ान की मांसपेशियां मजबूत कर सकेंगे और छोड़े जाने से पहले प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल ढल सकेंगे। मंत्रालय के अनुसार इसका स्वीकृत बजट ₹9.25 करोड़ है।

इंडियन एक्सप्रेस की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट में राजस्थान के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के हवाले से रेडियो टैग लगे दो चूज़ों को शुरुआती तौर पर छोड़ने की योजना बताई गई है। अधिकारियों का इरादा पहले प्रयास से सीखकर आगे की प्रक्रिया सुधारना है। प्राकृतिक आवास में उनका लंबे समय तक जीवित रहना अभी जांचा जाना बाकी है।