विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने 27 सितंबर को कहा कि भारत का जैव प्रौद्योगिकी विभाग 210 नैनोमेडिसिन शोध परियोजनाओं को ₹174 करोड़ की सहायता दे रहा है। उन्होंने नई दिल्ली में विश्व नैनोमेडिसिन कांग्रेस के उद्घाटन पर वित्तपोषण का विवरण दिया, जिसमें 2,000 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित थे।
परियोजनाएं लक्षित दवा वितरण, कैंसर और संक्रामक रोग, इमेजिंग, घाव भरने तथा सुरक्षा शोध से संबंधित हैं। सिंह ने मुंह से लिए जाने वाले इंसुलिन नैनोकणों और स्तन कैंसर नैनोबॉट्स के अध्ययन का उल्लेख शरीर में अधिक सटीक तरीके से उपचार पहुंचाने की कोशिशों के उदाहरण के रूप में किया।
चर्चा में शोध से उपयोग योग्य उत्पाद तक पहुंचने का रास्ता भी शामिल था। जैव प्रौद्योगिकी उद्यम BIRAC कार्यक्रमों से सहायता मांग सकते हैं, जबकि भारत की जैव प्रौद्योगिकी, चिकित्सा अनुसंधान और दवा नियमन संस्थाओं के संयुक्त दिशानिर्देश मूल्यांकन का ढांचा देते हैं। मंत्री ने नई तकनीकों के उपयोग के बीच चिकित्सा शिक्षा में चिकित्सकीय विवेक बनाए रखने का भी आग्रह किया।
