इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय ने 3 अक्टूबर को बताया कि क्यूएनयू लैब्स, बिसाग-एन और आईआईटी गांधीनगर ने खुले वातावरण में 5.56 किलोमीटर तक क्वांटम कुंजी वितरण का परीक्षण किया। प्रयोग 27–28 सितंबर की रात हुआ था। मंत्रालय के बयान को एएनआई और आईएएनएस ने भी 3 अक्टूबर को प्रकाशित किया।
मंत्रालय के अनुसार, क्वांटम बिट त्रुटि दर 5 प्रतिशत से कम रही और सुरक्षित कुंजियां 230–260 बिट प्रति सेकंड की दर से बनीं। वैदिक कवच प्रणाली से जोड़कर परीक्षण संदेशों को सुरक्षित करने और पढ़ने में इनका इस्तेमाल हुआ।
यह मैदानी परीक्षण है। लंबी दूरी और उपग्रह संचार इसके भविष्य के लक्ष्य हैं; ऐसे नेटवर्क चालू होने का दावा नहीं किया गया है।
