अलीमुद्दीन अंसारी की 29 जून 2017 को झारखंड के रामगढ़ में भीड़ ने हत्या कर दी। गोमांस ले जाने के आरोप में उनका वाहन रोका गया था। फास्ट-ट्रैक अदालत ने उसी महीने की दोषसिद्धि के बाद 21 मार्च 2018 को 11 वयस्क आरोपियों को उम्रकैद सुनाई।

दोषियों में स्थानीय भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ के पदाधिकारी नित्यानंद महतो और गौरक्षा समूह के सदस्य शामिल थे। निचली अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अंसारी के परिवार के लिए मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा। उनके बेटे ने तब बताया कि परिवार को वादा की गई सरकारी सहायता नहीं मिली थी।

29 जून 2018 को झारखंड हाई कोर्ट ने अपील के दौरान आठ दोषियों को जमानत दी। उनके वकील ने कहा कि अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित की गई थी। जमानत और सजा का निलंबन बरी होना नहीं हैं। यह अभिलेख इन अलग पड़ावों को दर्ज करता है, अपीलों के अंतिम निपटारे का दावा नहीं करता।