लातेहार की अदालत ने 21 दिसंबर 2018 को मुस्लिम पशु व्यापारियों मजलूम अंसारी और इम्तियाज खान की हत्या के लिए आठ लोगों को उम्रकैद दी। झारखंड में पशुओं को बाजार ले जाते समय उन पर हमला हुआ था और 18 मार्च 2016 को उनके शव पेड़ से लटके मिले थे।

अदालत ने हर दोषी पर 25,000 रुपये जुर्माना भी लगाया। अभियोजक बलराम साह ने कहा कि फोन से जुड़े साक्ष्यों ने साजिश साबित करने में मदद की और दोषियों को गौरक्षा समूह का सदस्य बताया। बचाव पक्ष ने कहा कि फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

अंसारी की पत्नी शायरा बीबी ने धमकियां मिलने की बात कही और बताया कि वह कड़ी सजा चाहती थीं, लेकिन फैसले का सम्मान करती हैं। यह रिकॉर्ड 2018 की सजा दर्ज करता है; इससे बाद की अपील का नतीजा या प्रत्येक दोषी की वर्तमान हिरासत स्थिति स्थापित नहीं होती।