केरल का अंतरराष्ट्रीय वृत्तचित्र और लघु फिल्म समारोह 30 सितंबर को समाप्त हुआ। आवश्यक अनुमति लंबित रहने के कारण सात चयनित फिल्मों की स्क्रीनिंग नहीं हो सकी। टाइम्स ऑफ इंडिया और यूएनआई की स्वतंत्र खबरों में तिरुवनंतपुरम के समापन समारोह में मुख्यमंत्री वी डी सतीशन की आलोचना का विवरण है।
सतीशन ने कहा कि राज्य अनुमति हासिल करने के प्रयास जारी रखेगा और मंजूरी मिलने पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था करेगा। उन्होंने वृत्तचित्रों और लघु फिल्मों के लिए स्थायी प्रदर्शन स्थलों की योजना भी घोषित की। ये भविष्य की स्क्रीनिंग और सुविधाओं से जुड़े वादे थे, अनुमति मिल जाने की पुष्टि नहीं।
विवाद समारोह में प्रदर्शन के लिए फिल्म प्रमाणन संबंधी शर्तों से छूट का है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 21 सितंबर के सार्वजनिक जवाब में कहा था कि किसी फिल्म को पूरी तरह अनुमति देने से इनकार नहीं किया गया। उसने विस्तृत सार मांगने और संबंधित प्राधिकरणों की समीक्षा का विवरण दिया था। यह जवाब समापन से पहले का है।
28 सितंबर की अदालती खबरों के अनुसार, केरल हाईकोर्ट ने तत्काल स्क्रीनिंग की अंतरिम राहत नहीं दी और मूल याचिका 13 नवंबर तक लंबित रखी। नया घटनाक्रम समारोह का समाप्त होना और राज्य की प्रतिक्रिया है। उपलब्ध रिकॉर्ड से स्थायी प्रतिबंध या कानूनी चुनौती का अंतिम खारिज होना स्थापित नहीं होता।
