संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाए जाने के बाद सीबीआई ने संदीप मिस्त्री को 29 सितंबर को मुंबई में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। द पायनियर में उसी दिन प्रकाशित पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष अदालत ने उन्हें 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उस सुनवाई में एजेंसी ने पुलिस हिरासत की मांग नहीं की।
इंडियन एक्सप्रेस ने सीबीआई प्रवक्ता के हवाले से बताया कि मिस्त्री 28 सितंबर की देर रात मुंबई पहुंचे थे। एजेंसी के अनुसार, जुलाई में जारी इंटरपोल रेड नोटिस के बाद यूएई अधिकारियों ने उन्हें पकड़ा था। 29 सितंबर की नई घटनाएं उनकी औपचारिक गिरफ्तारी और अदालत में पेशी हैं।
मिस्त्री पहले हांगकांग स्थित फैंसी क्रिएशंस लिमिटेड के निदेशक रहे थे। सीबीआई का आरोप है कि उन्होंने नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों में कथित फर्जी व्यापार और जाली आयात-निर्यात दस्तावेजों के समन्वय में मदद की। मनीकंट्रोल की 29 सितंबर की रिपोर्ट में नाममात्र के निदेशकों पर दबाव डालने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हटाने के आरोप भी एजेंसी के हवाले से दर्ज हैं।
फ्री प्रेस जर्नल की अदालती रिपोर्ट ने 29 सितंबर को विशेष सीबीआई अदालत में उनकी पेशी की पुष्टि की। एजेंसी के अनुसार, आरोपपत्र दाखिल हो चुका है, लेकिन आरोपों की अदालत में जांच बाकी है। समीक्षा की गई खबरों में मिस्त्री या उनके कानूनी प्रतिनिधि की विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
