मालेगांव की फास्ट ट्रैक अदालत ने बालिका से यौन हिंसा और हत्या के मामले में 30 सितंबर को एक व्यक्ति को दोषी ठहराया। लोकसत्ता की एक अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार घटना 16 नवंबर 2025 की है। सात अक्टूबर की सुनवाई के बाद सजा तय होनी है।
टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक अक्टूबर की देर रात बताया कि विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने सजा पर बहस से पहले तीन आकलन मांगे हैं। इनमें दोषी की पृष्ठभूमि, जेल में उसका व्यवहार और सुधार की संभावना सहित उसकी मनोवैज्ञानिक स्थिति शामिल हैं।
रिपोर्टें मिलने के बाद अभियोजन सजा पर अपना पक्ष रखेगा। दोषसिद्धि हो चुकी है, लेकिन देखी गई खबरों से फांसी या किसी अन्य अंतिम सजा की पुष्टि नहीं होती।
लोकसत्ता के मुताबिक मुकदमे में अभियोजन ने 24 गवाहों की जांच कराई। यह खबर मामले के मौजूदा न्यायिक चरण के बारे में है, किसी नई वारदात के बारे में नहीं। बालिका और उसके परिवार की पहचान उजागर करने वाले विवरण शामिल नहीं किए गए हैं।
