दिल्ली के शास्त्री पार्क में प्रदूषण की निगरानी के लिए नया नियंत्रण केंद्र खोला गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की आधिकारिक वेबसाइट पर एक अक्टूबर को दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति का यह केंद्र निर्माण गतिविधियों और मैदानी कार्रवाई की चौबीसों घंटे निगरानी करेगा।

द पैट्रियट में एक अक्टूबर को प्रकाशित पीटीआई की रिपोर्ट में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 707 स्थलों पर निगरानी की बात कही। व्यवस्था में 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थल शामिल हैं। खुले में कचरा जलाने की पहचान और हवा की वर्तमान व पुरानी गुणवत्ता की तुलना करके सफाई तथा पानी के छिड़काव जैसे कदम तय करने की योजना है।

मुख्यमंत्री की वेबसाइट के अनुसार, मशीनों से सड़क सफाई की गतिविधि जीपीएस से देखी जाएगी और निरीक्षकों के शरीर पर लगे कैमरों की तस्वीरें भी केंद्र तक पहुंचेंगी। सर्दियों में उपमंडल स्तर की 78 टीमें इससे जुड़कर काम करेंगी। ये सरकारी विवरण हैं, स्वतंत्र रूप से मापे गए नतीजे नहीं।

केंद्र अलग-अलग स्रोतों की जानकारी एक जगह लाता है। चेतावनी मिलने के बाद निरीक्षण, सुधारात्मक कार्रवाई और हवा की गुणवत्ता में कितना बदलाव होता है, यह देखना बाकी है। केवल कैमरे लगने से प्रदूषण घटने की पुष्टि नहीं होती।