वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 2 अक्टूबर को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 197 जांचों के दौरान नियम उल्लंघन के 85 मामले दर्ज किए गए। आयोग के कार्यबल ने 1 अक्टूबर को समीक्षा की थी। ये जांचें 8 से 24 सितंबर के बीच हुई थीं, खबर प्रकाशित होने वाले दिन नहीं।

पर्यावरण मंत्रालय की विज्ञप्ति में चार निर्माण परियोजनाओं और एक औद्योगिक इकाई को बंद करने, 28 डीजल जनरेटर सील करने, 17 मामलों में अनुपालन के निर्देश देने और दस मामलों में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने के प्रस्ताव हैं। इन्हें पूरी हो चुकी बंदी या वसूले गए जुर्माने के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।

एएनआई की जानकारी पर आधारित द न्यूज मिल की रिपोर्ट में गाजियाबाद के लोनी में 29 सितंबर की अलग कार्रवाई भी है। आयोग के अनुसार, जांचे गए सभी 21 स्थानों पर नियमों का पालन नहीं मिला। पहले सील किए गए कुछ परिसरों में गतिविधि जारी रहने के संकेत भी थे। ये जांचें 8–24 सितंबर की अवधि से अलग हैं।

ये निष्कर्ष नियामक संस्था के विवरण पर आधारित हैं। देखी गई रिपोर्टों में हर स्थल की स्वतंत्र पुष्टि या संचालकों का पक्ष नहीं है। आंकड़े कार्रवाई की स्थिति बताते हैं, लेकिन उनसे हवा की गुणवत्ता में मापा गया सुधार साबित नहीं होता।