लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. ने चार अक्टूबर को बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए दस नावों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार के साथ सैथा और फैजुल्लागंज समेत गोमती से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। अमर उजाला और द स्टेट्समैन ने रविवार के दौरे और निर्देशों की जानकारी दी।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा गया। राहत शिविरों में पर्याप्त दवाएं, प्रभावित बस्तियों के लिए दवा किट, पशुओं के लिए चारा और रात में अधिक पुलिस गश्त के निर्देश भी दिए गए। लोगों की जरूरतों और शिकायतों के लिए दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम बनाने को कहा गया।
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार को एएनआई से कहा कि प्रभावित घरों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है और चिकित्सा की व्यवस्था है। यह राहत प्रयासों का सरकारी विवरण है। उपलब्ध खबरें यह पुष्टि नहीं करतीं कि दस नावों की तैनाती या अतिरिक्त कंट्रोल रूम का काम पूरा हो चुका था।
अमर उजाला ने रविवार को सड़क पर हुए प्रदर्शन की भी खबर दी, जिसमें स्थानीय लोगों ने राशन और सहायता देने में भेदभाव का आरोप लगाया। रिपोर्ट के मुताबिक, एसडीएम आकाश सिंह ने नाव और स्टीमर की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। लिखित निर्देश और सहायता पाने वाले परिवारों की स्वतंत्र रूप से सत्यापित कुल संख्या समीक्षा के लिए उपलब्ध नहीं थी।
