जयपुर पुलिस ने 30 सितंबर को कथित कॉल सेंटर के मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोप है कि एप्पल ग्राहक सहायता की पहचान का इस्तेमाल करके अमेरिका के लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। टाइम्स ऑफ इंडिया ने कार्रवाई का दिन बुधवार बताया; आज तक और द420 ने भी उसी दिन गिरफ्तारियों की खबर दी।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम प्रशांत किरण ने ऐसे संदेशों का विवरण दिया, जिनमें एप्पल उत्पादों या सेवाओं के शुल्क स्वीकृत होने का झूठा दावा किया जाता था। आरोप कंपनी की पहचान के दुरुपयोग का है, एप्पल द्वारा यह अभियान चलाने का नहीं।
संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट और जयपुर पश्चिम पुलिस शामिल थीं। अधिकारियों के हवाले से खबरों में 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन और अन्य उपकरण जब्त होने की बात कही गई। आज तक के अनुसार, जांचकर्ता प्रभावित लोगों की संख्या और धन के लेनदेन की जांच कर रहे हैं।
स्रोतों में जयपुर के सटीक इलाके को लेकर अंतर है, इसलिए यह विवरण स्पष्ट नहीं है। देखी गई खबरों में कुल नुकसान का सत्यापित आंकड़ा, दोष का अदालती निष्कर्ष या गिरफ्तार लोगों की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। उपकरण और कथित व्यक्तिगत भूमिकाएं जांच का विषय हैं।
