आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने साहिल वाकोड़े की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को अनशन शुरू किया। पीटीआई और फ्री प्रेस जर्नल ने दो सप्ताह के परिसर आंदोलन के बाद शुरू हुए इस नए विरोध की खबर दी।

छात्र बाहरी सदस्यों वाली जांच समिति चाहते हैं। उनका आरोप है कि मौजूदा समिति के कुछ सदस्यों ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का सार्वजनिक समर्थन किया था। वे दूल्ला को जिम्मेदारियों से निलंबित करने और निदेशक शिरीष केदारे के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। ये प्रदर्शनकारियों की मांगें हैं, किसी अधिकारी के खिलाफ सिद्ध निष्कर्ष नहीं।

वाकोड़े की मौत 18 सितंबर को हुई थी। परिवार ने जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है और मुंबई क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की 27 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान ने समिति बनाई थी और निष्पक्ष जांच के लिए दूल्ला को अवकाश पर भेजा था।

2 अक्टूबर की खबरों में आरोप साबित नहीं हुए हैं और अनशन पर प्रशासन की नई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। छात्रों ने परिवार के लिए परिसर में सुरक्षित प्रवेश तथा शांतिपूर्ण भागीदारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई से सुरक्षा भी मांगी है।