कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने एक अक्टूबर को कहा कि विधान सौध की भव्य सीढ़ियों पर प्रस्तावित उर्दू उत्सव की अनुमति नहीं दी गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार उन्होंने कहा कि वहां गैर-सरकारी कार्यक्रम आयोजित करने की गुंजाइश नहीं है।

मंत्री यू. टी. खादर ने कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा और बदलाव किए जा सकते हैं। आईएएनएस के मुताबिक नौ नवंबर के लिए सुझाए गए कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों के सामने उर्दू साहित्य, किताबों, खानपान और कलाओं को पेश करने की योजना थी। यह भविष्य के आयोजन का प्रस्ताव है, हो चुका उत्सव नहीं।

भाजपा नेताओं ने आयोजन स्थल पर आपत्ति की और वहां कन्नड़ को प्राथमिकता देने की बात कही। खादर ने सांस्कृतिक उद्देश्य का पक्ष रखते हुए कहा कि वह जिद करने के बजाय दूसरों से सलाह लेंगे। उपलब्ध खबरें अनुमति और स्थान पर विवाद दिखाती हैं; उनसे पूरे राज्य में उर्दू पर प्रतिबंध या उत्सव के हर स्वरूप को रद्द करने का अंतिम फैसला साबित नहीं होता।