उज्जैन की शाही मस्जिद के आसपास 29 सितंबर को आवाजाही सीमित रही, जबकि मस्जिद का एक हिस्सा हटाने का काम जारी था। फ्री प्रेस जर्नल ने बताया कि बैरिकेडिंग से कारोबार और आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंच प्रभावित हुई। उसकी शाम की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर तक आम लोगों और पत्रकारों को घटनास्थल के करीब जाने से रोक दिया गया।
उसी सुबह एशियानेट न्यूजेबल पर प्रकाशित एएनआई की रिपोर्ट में भारी सुरक्षा के बीच शांति और मस्जिद के लिए मचान की सामग्री लाए जाने की जानकारी थी। यह 28 सितंबर की उस झड़प के अगले दिन का घटनाक्रम है, जिसमें पथराव तथा पुलिस द्वारा आंसू गैस और लाठी के इस्तेमाल की खबरें आई थीं।
फ्री प्रेस जर्नल की 29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि शांति है और मस्जिद समिति सहमति वाले हिस्से को हटा रही है। अधिकारियों और शहर काजी ने अफवाहों से बचने की अपील की।
उपलब्ध खबरें पाबंदियों और आंशिक हटाने का काम जारी रहने की जानकारी देती हैं, पूरी मस्जिद गिराए जाने की नहीं। समीक्षा की गई सामग्री से औपचारिक कर्फ्यू आदेश की पुष्टि नहीं हुई। पाबंदियां कितने समय तक रहीं और बाद में उनमें कितनी ढील मिली, यह भी स्पष्ट नहीं है।
