हिंदू रक्षा दल ने 29 सितंबर को पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मेरठ की केसरगंज मस्जिद के बाहर प्रस्तावित हनुमान चालीसा पाठ रद्द कर दिया। आईबीसी24 पर शाम को प्रकाशित पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, सदर थाने में बातचीत के बाद आयोजकों ने अगले निर्देश तक कार्यक्रम रोकने की बात कही।

इससे पहले दिन में मस्जिद के आसपास आवाजाही सीमित रही। हिन्दुस्तान की 29 सितंबर की रिपोर्ट में बैरिकेडिंग, स्थानीय निवासियों के पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच और दुकानों के बंद रहने का उल्लेख है। टकराव रोकने के लिए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की 30 सितंबर की रिपोर्ट ने तनाव को मस्जिद में निर्माण पर उठी आपत्तियों से जोड़ा। समुदाय के प्रतिनिधि बदर अली ने कहा कि पुलिस के हस्तक्षेप पर समिति काम रोकने को सहमत हुई थी। उन्होंने शांति की अपील की। व्यापारियों ने जरूरी अनुमति होने पर सवाल उठाया था; मस्जिद समिति ने उनके आरोपों का विरोध किया।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की 29 सितंबर की खबर में शहर के पुलिस अधीक्षक विनायक गोपाल भोसले ने पीटीआई को बताया कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल और गश्त बढ़ाई गई। उपलब्ध रिपोर्टें पाबंदियों और कार्यक्रम रद्द होने की पुष्टि करती हैं, लेकिन निर्माण की वैधता का फैसला या मस्जिद गिराए जाने की पुष्टि नहीं करतीं। पाबंदियां कितने समय तक रहीं, यह स्पष्ट नहीं है।