पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 30 सितंबर से मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। हाल की बारिश और गरज वाले बादलों की गतिविधि कमजोर पड़ने के साथ मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर आधारित खबरों में दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में वर्षा घटने की संभावना बताई गई है।

मूल तथ्यात्मक ग्राफिक: तारीख सहित रिपोर्ट का सार। यह घटना की तस्वीर नहीं है। वर्षा: 1 जून–28 सितंबर • पूर्वानुमान बदल सकता है
मूल तथ्यात्मक ग्राफिक: तारीख सहित रिपोर्ट का सार। यह घटना की तस्वीर नहीं है। वर्षा: 1 जून–28 सितंबर • पूर्वानुमान बदल सकता है

हाल की बारिश से पूरे मौसम की कमी दूर नहीं हुई है। द ट्रिब्यून के अनुसार एक जून से 28 सितंबर की सुबह तक पंजाब में 268.8 मिलीमीटर बारिश हुई, जो दीर्घकालिक औसत से 39 प्रतिशत कम थी। हरियाणा में इसी अवधि की 315.7 मिलीमीटर वर्षा औसत से 27 प्रतिशत कम रही।

पहाड़ी और दूसरे क्षेत्रों का हाल अलग हो सकता है। उत्तराखंड में कहीं-कहीं बारिश जारी रह सकती है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में अधिक वर्षा का अनुमान है। यात्रा और खेती के काम तय करते समय स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहें।