7 अगस्त 2024 को मुंबई की सत्र अदालत ने जयपुर–मुंबई ट्रेन गोलीकांड में बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी के खिलाफ हत्या और धार्मिक वैमनस्य के आरोप तय किए। 31 जुलाई 2023 को सहायक उपनिरीक्षक टीकाराम मीणा और तीन मुस्लिम यात्रियों की मौत हुई थी।

घटना या नीति का संदर्भ। यह मूल तथ्यात्मक ग्राफिक है; श्रेय और पूरा विवरण रिपोर्ट में है।
घटना या नीति का संदर्भ। यह मूल तथ्यात्मक ग्राफिक है; श्रेय और पूरा विवरण रिपोर्ट में है।

अभियोजन का आरोप था कि चौधरी ने सरकारी हथियार का इस्तेमाल किया और एक विशेष समुदाय के यात्रियों को निशाना बनाया। उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। उनके वकीलों ने सांप्रदायिक वैमनस्य के आरोप का विरोध किया और कहा कि बीमारी तथा आराम नहीं मिलने से मानसिक स्थिति प्रभावित थी। अदालत ने दिसंबर 2023 में पहले की जमानत अर्जी खारिज की थी।

दर्ज कानूनी पड़ाव। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड वर्तमान अंतिम स्थिति तय नहीं करता।
दर्ज कानूनी पड़ाव। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड वर्तमान अंतिम स्थिति तय नहीं करता।

आरोप तय होने से मुकदमे में अभियोजन के आरोपों की जांच का रास्ता खुला; यह दोषसिद्धि नहीं थी। अक्टूबर 2025 की बाद की अदालती रिपोर्टिंग में गवाह की गवाही दर्ज हुई, जिससे आरोप तय होने के बाद कार्यवाही आगे बढ़ने की पुष्टि होती है। यह ऐतिहासिक फाइल अंतिम फैसले का दावा नहीं करती और विवादित मानसिक स्वास्थ्य बचाव का निपटारा नहीं बताती।