तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने चार अक्टूबर को इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि थोक में दिए गए फॉर्म 7 आवेदनों की शिकायतों की जांच चल रही है। अखबार से गोशामहल के एक बूथ अधिकारी ने भी बात की। उन्होंने बताया कि सितंबर के अंत में दिए गए फॉर्म में मतदाता संख्या छपी थी, लेकिन नाम नहीं थे, इसलिए उन्होंने उन्हें लेने से इनकार किया।
साउथ फर्स्ट की अलग रिपोर्ट में कांग्रेस की चुनाव समन्वय समिति के प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि भाजपा के बूथ एजेंट ने बूथ 173 पर ये आवेदन दिए और मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाया। ये आरोप हैं। देखी गई सामग्री से न तो भेदभाव का कोई जांच-निष्कर्ष स्थापित होता है, न इन आवेदनों के जरिए किसी का नाम हटने की पुष्टि होती है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने पार्टी एजेंटों द्वारा थोक आवेदन देने से इनकार किया। पार्टी प्रवक्ता एनवी सुभाष ने अलग बयान में ऐसे लोगों के खिलाफ आपत्तियों का समर्थन किया जिन्हें उन्होंने गैर-नागरिक बताया। उनके बयान से किसी मतदाता की नागरिकता तय नहीं होती। चुनाव कार्यालय ने कहा कि लोगों को निशाना बनाकर थोक आवेदन देने की पुष्टि होने पर कार्रवाई होगी।
फॉर्म 7 का उपयोग अपना नाम हटाने का अनुरोध करने या किसी अन्य मतदाता का नाम सूची में होने पर आपत्ति दर्ज करने के लिए होता है। गोशामहल की शिकायत मुशीराबाद के पहले के आरोपों से अलग है। नई रिपोर्ट बातचीत और जांच पर चुनाव कार्यालय के जवाब से संबंधित है; फॉर्म चार अक्टूबर को दिए जाने की बात नहीं है। विवादित मूल फॉर्म और लिखित जांच आदेश समीक्षा के लिए उपलब्ध नहीं थे।
