रेडियंस और क्लैरियन इंडिया के अनुसार, जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने 3 अक्टूबर को मतदाता सूची, प्रदर्शनों पर पाबंदियों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई के मुद्दों पर बातचीत मांगी।
उपाध्यक्ष सलीम इंजीनियर ने गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और पुलिस के कथित दुर्व्यवहार की जांच मांगी।
उपाध्यक्ष मलिक मोअतसिम खान ने विवादित तोड़फोड़ की अदालती निगरानी में जांच मांगी। ये मांगें हैं, अदालती निष्कर्ष नहीं। रिपोर्टों में सरकार की नई प्रतिक्रिया नहीं थी।
