तेलंगाना कांग्रेस ने हैदराबाद के मुशीराबाद क्षेत्र में एक मुस्लिम पार्टी कार्यकर्ता और उसके करीब 30 रिश्तेदारों के नाम मतदाता सूची से हटवाने की कथित कोशिश की जांच मांगी है। द साउथ फर्स्ट और सियासत के अनुसार, पार्टी ने 1 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की। शिकायत में आवेदन एक भाजपा बूथ स्तरीय एजेंट से जुड़े होने का आरोप है। किसी स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष से यह आरोप अभी साबित नहीं हुआ है।
कांग्रेस का कहना है कि फॉर्म 7 में मतदाताओं की जानकारी पहले से छपी थी और उन्हें आवेदकों ने अलग-अलग खुद तैयार नहीं किया था। पार्टी ने मूल आवेदन सुरक्षित रखने, आवेदकों के बयान लेने और कागजात के एक ही स्रोत से आने की जांच मांगी है। उसने अपने समर्थकों के खिलाफ ऐसे फॉर्म व्यापक स्तर पर बांटे जाने की आशंका भी जताई। ये जांच की मांगें हैं, संगठित ढंग से नाम हटाए जाने का प्रमाण नहीं।
द न्यूज मिनट की 2 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने पिछले दिन स्पष्ट किया कि कई फॉर्म 7 जमा होने से नाम अपने-आप नहीं कटते। प्रत्येक आवेदन की छानबीन और पुष्टि जरूरी है। निर्णय से पहले नोटिस और जवाब देने का अवसर महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय हैं।
देखी गई रिपोर्टों से यह स्थापित नहीं होता कि परिवार के नाम वास्तव में हटा दिए गए। उनमें भाजपा या आरोपित एजेंट का जवाब भी नहीं है। अभी यह पता लगना बाकी है कि फॉर्म किसने तैयार और जमा किए, बताए गए आधार सही थे या नहीं, और निर्वाचन अधिकारियों की जांच में क्या सामने आता है।
