कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने 30 सितंबर को कहा कि उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मतदाता सूची से नाम हटाने की फॉर्म-7 आपत्तियों का विधानसभा क्षेत्रवार ब्योरा मांगा है। आईएएनएस, मकतूब और कन्नड़ समाचार माध्यम नवसमाज ने उनका सार्वजनिक बयान प्रकाशित किया। उन्होंने सामूहिक आपत्तियों तथा निर्धारित कारण या जरूरी विवरण के बिना दिए आवेदनों की जानकारी मांगी।

शिवकुमार ने आशंका जताई कि बड़ी संख्या में या पहले से छपे विवरण वाली आपत्तियां अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़े समुदायों को निशाना बना सकती हैं। यह मुख्यमंत्री की व्यक्त चिंता है, भेदभावपूर्ण तरीके से नाम हटाए जाने का पुष्ट निष्कर्ष नहीं। आपत्ति जांचा जाने वाला आवेदन है; उससे अपने आप किसी मतदाता का नाम हटना साबित नहीं होता।

उन्होंने आपराधिक कृत्य पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की। देखी गई सामग्री में नई एफआईआर दर्ज होने या मांगे गए आंकड़े मिल जाने की पुष्टि नहीं थी। इस विशिष्ट अनुरोध पर निर्वाचन अधिकारियों का नया जवाब उपलब्ध नहीं था। ताजा घटनाक्रम जांच की मांग है, पूरी हो चुकी जांच का नतीजा नहीं।