3 अक्टूबर को जारी संसदीय बुलेटिन में 24 स्थायी समितियों के अध्यक्षों की घोषणा की गई। एएनआई और द स्टेट्समैन के अनुसार, सालाना पुनर्गठन 26 सितंबर से प्रभावी है। शनिवार का नया घटनाक्रम समितियों के नेतृत्व की घोषणा है।

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी वाणिज्य समिति में तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन की जगह लेंगे। रसायन और उर्वरक समिति में काकोली घोष दस्तीदार ने कीर्ति आजाद की जगह ली है। इससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के पास पहले रहे दोनों अध्यक्ष पद नहीं रहे।

शशि थरूर विदेश मामलों और चरणजीत सिंह चन्नी कृषि समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। दूसरे बदलावों में सुजीत कुमार को कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय समिति तथा सुधीर गुप्ता को रेलवे समिति का नेतृत्व मिला है।

इंडियन एक्सप्रेस की 3 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल के संसदीय नेता डेरेक ओब्रायन ने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर आपत्ति जताई। दस्तीदार के नेतृत्व वाले सांसदों ने दूसरी पार्टी में विलय का दावा किया था। अखबार ने बताया कि अलग पहचान की उनकी मांग पर लोकसभा अध्यक्ष का फैसला अभी लंबित है।