दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 सितंबर को एक व्यक्ति के खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण कानून और भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज आपराधिक मामला रद्द करने से इनकार कर दिया। मामला उस लड़की से उसके विवाह से जुड़ा है जिसकी उम्र 16 वर्ष तीन महीने थी। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वैध बताए गए विवाह की स्थिति अकेले किसी वयस्क को बाल-सुरक्षा और दंड कानूनों से छूट नहीं दे सकती।
अदालत ने दो सवालों को स्पष्ट रूप से अलग किया। उसने अंतिम फैसला दिए बिना यह मानकर विचार किया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत विवाह को नागरिक वैधता मिल सकती है। इसके बाद उसने कहा कि जब संसद ने कोई अपवाद नहीं बनाया है, तो नागरिक वैधता आपराधिक कानून में छूट पैदा नहीं कर सकती। इसलिए यह फैसला हर मुस्लिम विवाह को अमान्य नहीं करता और न ही दंपति के विवाह की पूरी नागरिक-कानूनी स्थिति तय करता है।
POCSO में 18 वर्ष से कम हर व्यक्ति को बच्चा माना गया है और बच्चे की सहमति को बचाव मानने के बिना प्रवेशन यौन हमले को अपराध बनाया गया है। अदालत ने BNS की धारा 63 का भी उल्लेख किया, जिसमें 18 वर्ष से कम उम्र की महिला से यौन संबंध को उसकी सहमति हो या न हो, बलात्कार माना गया है। अदालत ने कहा कि पसंद और धर्म की संवैधानिक स्वतंत्रता किसी वयस्क को बच्चों की रक्षा के लिए बने सामान्य कानूनों से छूट नहीं देती।
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार दंपति ने दोनों परिवारों की सहमति से दिसंबर 2024 में विवाह किया। मामला मई 2026 में पुलिस के सामने आया, जब लगभग आठ महीने की गर्भवती लड़की सरकारी अस्पताल गई और स्कूल रिकॉर्ड से उसकी उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई। जून में उसने मृत शिशु को जन्म दिया। ये तथ्य केवल कानूनी कार्यवाही समझाने के लिए दिए जा रहे हैं; मामला नाबालिग और कथित यौन अपराधों से जुड़ा होने के कारण उसकी पहचान छिपाई गई है।
दंपति ने दलील दी कि लड़की युवावस्था प्राप्त कर चुकी थी, उसने अपनी इच्छा से विवाह किया और पति के साथ बनी रही, इसलिए मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत संबंध को आपराधिक दायित्व से बाहर माना जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि उसकी बात को गंभीरता और गरिमा से सुना जाना चाहिए, लेकिन उससे कानून में तय आयु सीमा नहीं बदलती। मामला रद्द न होने का अर्थ है कि अभियोजन आगे चल सकता है; यह दोषसिद्धि नहीं है और आरोपी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं करता। मुकदमा, अपील या आगे का फैसला मामले को और निर्धारित कर सकता है।
