बिहार के जमुई सदर अस्पताल में रविवार, चार अक्टूबर को कुछ घंटों के अंतराल में दो महिलाओं की मौत के बाद परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया और मामले की जांच शुरू हुई। रिपोर्टों के अनुसार, एक महिला की मौत गर्भावस्था के दौरान और दूसरी की प्रसव के बाद हुई। अस्पताल और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि समय पर चिकित्सकीय मदद नहीं मिली और रात की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर उपलब्ध नहीं थीं। उन्होंने अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। मौतों की वजह की जांच जारी है और लापरवाही की बात अभी साबित नहीं हुई है।

अस्पताल के उपाधीक्षक ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है और उनके बयान देने तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली थी।

जिलाधिकारी नवीन कुमार ने जागरण को बताया कि घटना की जांच के लिए टीम गठित की गई है। मंत्री श्रेयसी सिंह ने अस्पताल पहुंचकर जिम्मेदार पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की। आज तक ने एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के हवाले से बताया कि तब तक दोनों में से किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। संभावित चिकित्सकीय लापरवाही की पड़ताल के लिए विशेषज्ञों की राय ली जा रही थी।