केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने रविवार, चार अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को सरकारी अस्पतालों में दवा उपलब्धता की निगरानी के लिए जिला स्तर पर टीमें बनाने का निर्देश दिया। मनोरमा न्यूज और एशियानेट न्यूज के अनुसार, मरीजों को दवाएं न मिलने की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है।

हर टीम की अगुआई अतिरिक्त या उप जिला चिकित्सा अधिकारी करेंगे। इसमें अस्पताल अधीक्षक, औषधि नियंत्रण अधिकारी, फार्मेसी भंडार अधिकारी और केरल मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के गोदाम प्रबंधक शामिल होंगे। टीमों को अस्पताल की फार्मेसी और भंडार की जांच कर मरीजों की जरूरत के अनुसार दवाओं की उपलब्धता, संभावित कमी और आपूर्ति में देरी का पता लगाना है।

जहां जरूरत से अधिक दवाएं हों, वहां से कमी वाले अस्पतालों तक मौजूदा नियमों के अनुसार दवाएं भेजने की संभावना भी देखी जाएगी। जिला और सामान्य अस्पताल स्तर तक की संस्थाओं की साप्ताहिक रिपोर्ट स्वास्थ्य सेवा निदेशक को और मेडिकल कॉलेजों की रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा निदेशक को भेजनी है। गंभीर कमी की जानकारी तत्काल देनी होगी।

मंत्री ने कहा कि केवल रजिस्टर में भंडार दर्ज होने से आगे यह देखना जरूरी है कि मरीजों को वास्तव में दवाएं मिल रही हैं या नहीं। रिपोर्टों में निगरानी और रिपोर्टिंग की व्यवस्था बनाने का निर्देश है; जांच पूरी होने या दवा की आपूर्ति बहाल होने की पुष्टि नहीं है। मूल लिखित आदेश स्वतंत्र समीक्षा के लिए उपलब्ध नहीं था।