अक्टूबर 2015 में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के लवासा के पास पशु ले जा रहे लोगों का पीछा कर उन पर हमला किया गया, जिसके बाद नोमान की मृत्यु हुई। 18 अक्टूबर को पुलिस ने एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की घोषणा करते हुए उसे प्रमुख संदिग्ध बताया। पुलिस अधीक्षक सौम्या सांबशिवन ने गवाहों के बयानों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का उल्लेख किया।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। पशु तस्करी को लेकर उसके अलग आरोप नोमान के खिलाफ न्यायिक निष्कर्ष नहीं थे। 30 अक्टूबर तक पुलिस ने बारह गिरफ्तारियां बताईं। विश्व हिंदू परिषद ने गिरफ्तार लोगों के खिलाफ जांच पक्षपातपूर्ण होने का आरोप लगाया; इस दावे से अपने-आप साक्ष्य या दोष का निर्धारण नहीं होता।

शुरुआती विवरणों में नोमान की उम्र और हमले की ठीक तारीख अलग-अलग हैं। इसलिए समयरेखा में अनिश्चित तारीख को निश्चित बताने के बजाय 18 अक्टूबर की सत्यापित गिरफ्तारी घोषणा और 30 अक्टूबर की जांच संबंधी रिपोर्ट दर्ज है। इस प्रविष्टि में बाद की अंतिम दोषसिद्धि या रिहाई स्थापित नहीं की गई है।